Class 9 SCIENCE NOTES IN HINDI CHAPTER 2
Chapter 2: Is Matter Around Us Pure
Chapter Introduction:
This chapter focuses on pure substances, mixtures, solutions, colloids, and suspensions. The content is explained in a question–answer format to help students clearly understand separation techniques and properties of mixtures.
FAQ
Ques. Are numerical or practical questions asked from this chapter?
Ans. Yes, questions related to separation methods and mixture types are commonly asked in exams.
CLASS 9 SCIENCE NOTES IN HINDI
CHAPTER 2 : क्या हमारे आस-पास के पदार्थ
शुद्ध हैं?
प्रश्न :- शुद्ध पदार्थ क्या होता है? समझाइए।
उत्तर :- शुद्ध पदार्थ :- वह पदार्थ होता है जो केवल एक ही प्रकार के कणों से बना होता है और जिसे किसी भौतिक विधि द्वारा दो या अधिक भागों में विभाजित नहीं किया जा सकता।
उदाहरण :-
शुद्ध पानी (H₂O), ऑक्सीजन गैस (O₂), और सोडियम क्लोराइड (NaCl)
प्रश्न :- मिश्रण क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- मिश्रण वह पदार्थ होता है जो दो या अधिक तत्वों या यौगिकों के मिलन से बनता है, लेकिन इन कणों के बीच कोई रासायनिक संयोजन नहीं होता।
उदाहरण :-
वायु एक मिश्रण है, जिसमें नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि गैसें मौजूद रहती हैं, लेकिन ये रासायनिक रूप से जुड़ी नहीं होतीं।
प्रश्न :- मिश्रण कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर :- मिश्रण मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं :-
1. समांगी मिश्रण
2. विषमांगी मिश्रण
प्रश्न :- समांगी मिश्रण किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- समांगी मिश्रण :- वे मिश्रण होते हैं जिनमें सभी घटक एक समान रूप से मिल जाते हैं और अलग-अलग दिखाई नहीं देते। समांगी मिश्रण में समान गुण और संघटन होते हैं।
उदाहरण :-
जब चीनी को पानी में घोलते हैं, तो वह पूरी तरह घुल जाती है और एकसमान घोल बन जाता है। यह एक समांगी मिश्रण का उदाहरण है।
प्रश्न :- विषमांगी मिश्रण क्या होता है? इसे उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- विषमांगी मिश्रण :- वे मिश्रण होते हैं जिनमें एक पदार्थ के छोटे-छोटे कण, बूँदें या बुलबुले दूसरे पदार्थ में फैले रहते हैं लेकिन आपस में रासायनिक रूप से जुड़े नहीं होते हैं। इसमें शामिल पदार्थ एक-दूसरे में पूरी तरह नहीं घुलते हैं।
उदाहरण :-
1. बालू और शक्कर का मिश्रण एक विषमांगी मिश्रण है क्योंकि इसके अलग-अलग हिस्सों में शक्कर और बालू की मात्रा अलग-अलग होती है।
2. सस्पेंशन (जैसे पानी में मिट्टी मिलाना) भी विषमांगी मिश्रण का एक उदाहरण है, जिसमें ठोस कण द्रव में तैरते हैं या बैठ जाते हैं।
प्रश्न :- विलयन क्या होता है? इसे उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- विलयन :- वह मिश्रण होता है जिसमें दो या दो से अधिक पदार्थ इस तरह मिलाए जाते हैं कि उनका पूरा मिश्रण एक समान दिखाई देता है। इसे समांगी मिश्रण कहा जाता है।
उदाहरण :-
1. नींबू जल :- (जिसमें नींबू का रस, चीनी और पानी अच्छी तरह घुले होते हैं)
2. सोड़ा जल :- (कार्बन डाइऑक्साइड गैस को पानी में घोलकर बनाया गया पेय)
प्रश्न :- विलयन कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर :- विलयन को दो मुख्य घटकों में बाँटा जाता है :-
1. विलायक (Solvent)
2. विलेय (Solute)
प्रश्न :- विलायक किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- विलायक :- विलयन का वह घटक जो विलयन में अधिक मात्रा में उपस्थित होता है और जिसमें कोई दूसरा पदार्थ घुलता है, उसे विलायक (Solvent) कहते हैं।
उदाहरण :-
चीनी-पानी के घोल में पानी विलायक है क्योंकि इसमें चीनी घुली हुई है और इसकी मात्रा अधिक है।
प्रश्न :- विलेय किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- विलेय :- विलयन का वह घटक जो विलयन में कम मात्रा में उपस्थित होता है और जो विलायक में घुल जाता है, उसे विलेय (Solute) कहा जाता है।
उदाहरण :-
चीनी-पानी के घोल में चीनी विलेय है क्योंकि यह पानी में घुली होती है।
प्रश्न :- विलयन के मुख्य गुण क्या होते हैं? समझाइए।
उत्तर :- विलयन के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं :-
1. समांगी मिश्रण :- विलयन के सभी भागों में संघटन एक जैसा होता है।
2. कणों का आकार बहुत छोटा :- विलयन के कण इतने छोटे होते हैं कि उनका व्यास 1 नैनोमीटर (nm) से भी कम होता है। इन्हें आँखों से देखा नहीं जा सकता।
3. प्रकाश के मार्ग को नहीं दर्शाते :- चूँकि विलयन के कण बहुत छोटे होते हैं, इसलिए ये प्रकाश की किरणों को नहीं फैलाते। इसी कारण से विलयन में प्रकाश का मार्ग दिखाई नहीं देता।
4. छानने से पृथक नहीं होते :- विलेय के कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि वे छानने की प्रक्रिया से अलग नहीं किए जा सकते।
5. स्थाई प्रकृति :- यदि विलयन को कुछ समय के लिए शांत छोड़ दिया जाए, तब भी विलेय के कण नीचे नहीं बैठते। यानी विलयन स्थिर और स्थाई होता है।
उदाहरण :-
नमक का पानी में बना घोल — इसमें नमक (विलेय) पानी (विलायक) में पूरी तरह घुल जाता है और ऊपर दिए गए सभी गुण दिखाई देते हैं।
प्रश्न :- विलयन की सान्द्रता क्या होती है? समझाइए।
उत्तर :- विलयन की सान्द्रता :- विलयन की सान्द्रता से तात्पर्य उस मात्रा से है जो यह बताती है कि किसी विलयन के प्रति लीटर आयतन में कितना विलेय पदार्थ घुला हुआ है।
उदाहरण :-
यदि 1 लीटर पानी में 10 ग्राम नमक घुला है, तो उस विलयन की सान्द्रता 10 g/L होगी।
प्रश्न :- संतृप्त विलयन किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- संतृप्त विलयन :- जब किसी निर्धारित तापमान पर एक विलयन में विलेय की और अधिक मात्रा घुल नहीं सकती, तब उस विलयन को संतृप्त विलयन (Saturated Solution) कहा जाता है।
उदाहरण :-
यदि 25°C तापमान पर पानी में 36 ग्राम नमक पूरी तरह घुल चुका है, और अब और नमक डालने पर वह नहीं घुलता — तो यह संतृप्त विलयन कहलाता है।
प्रश्न :- असंतृप्त विलयन किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- असंतृप्त विलयन :- जब किसी विलयन में विलेय पदार्थ की मात्रा इतनी कम होती है कि उसमें और विलेय घुल सकता है, तो ऐसे विलयन को असंतृप्त विलयन (Unsaturated Solution) कहते हैं।
उदाहरण :-
अगर 25°C तापमान पर पानी में केवल 10 ग्राम नमक घुला है, जबकि वह 36 ग्राम तक नमक घोल सकता है — तो यह एक असंतृप्त विलयन कहलाता है।
प्रश्न :- अतिसंतृप्त विलयन क्या होता है? समझाइए।
उत्तर :- अतिसंतृप्त विलयन :- जब किसी विलयन में विलेय की मात्रा/सान्द्रता संतृप्त स्तर से भी अधिक हो जाती है, फिर भी वह घुली रहती है, तो ऐसे विलयन को अतिसंतृप्त विलयन (Supersaturated Solution) कहा जाता है।
उदाहरण :-
अगर गर्म पानी में अधिक मात्रा में चीनी घोली जाती है और फिर उसे धीरे-धीरे ठंडा किया जाए, तो वह विलयन अतिसंतृप्त कहलाता है। हल्की सी हलचल या एक क्रिस्टल डालने से अतिरिक्त चीनी बाहर जम जाती है।
प्रश्न :- निलम्बन (Suspension) क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- निलम्बन एक प्रकार का विषमांगी मिश्रण होता है जिसमें विलेय के कण विलायक में घुलते नहीं हैं, बल्कि पूरे माध्यम में तैरते या निलम्बित रहते हैं। इसमें विलेय के कण आँखों से देखे जा सकते हैं।
उदाहरण :-
1. आटा जल मिश्रण: आटा पानी में नहीं घुलता, बल्कि तैरता रहता है।
2. बालू जल मिश्रण: बालू के कण पानी में निलम्बित रहते हैं और थोड़ी देर बाद नीचे बैठ जाते हैं।
प्रश्न :- निलंबन के मुख्य गुणधर्म क्या होते हैं? समझाइए।
उत्तर :- निलंबन (Suspension) के प्रमुख गुणधर्म निम्नलिखित हैं :-
1. विषमांगी मिश्रण :- निलंबन एक विषमांगी मिश्रण होता है, यानी इसके विभिन्न भागों में संघटन एक जैसा नहीं होता।
2. कण आँखों से दिखाई देते हैं :- निलम्बित कण इतने बड़े होते हैं कि उन्हें नंगी आँखों से देखा जा सकता है।
3. प्रकाश का मार्ग दिखाते हैं :- ये कण प्रकाश की किरण को फैला देते हैं, जिससे प्रकाश का मार्ग स्पष्ट दिखाई देता है।
4. अस्थायी मिश्रण :- निलंबन को यदि शांत छोड़ दिया जाए, तो विलेय के कण कुछ समय बाद नीचे बैठ जाते हैं। इसलिए यह मिश्रण स्थिर नहीं होता।
5. छानकर अलग किया जा सकता है :- छानन विधि (filtration) से निलंबन के कणों को आसानी से मिश्रण से अलग किया जा सकता है।
उदाहरण :-
1. आटा जल मिश्रण: आटा पानी में नहीं घुलता, बल्कि तैरता रहता है।
2. बालू जल मिश्रण: बालू के कण पानी में निलम्बित रहते हैं और थोड़ी देर बाद नीचे बैठ जाते हैं।
प्रश्न :- कोलॉइड क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- कोलॉइड (Colloid) ऐसा विलयन होता है जिसमें विलेय कणों का आकार 1 नैनोमीटर (nm) से 1000 नैनोमीटर के बीच होता है। ये कण इतने छोटे होते हैं कि घोल में तैरते रहते हैं, लेकिन पूरी तरह घुले नहीं होते।
उदाहरण :-
1. दूध (वसा के कण जल में फैले होते हैं)
2. स्टार्च का विलयन
3. रक्त (जिसमें प्रोटीन और कोशिकाएँ प्लाज्मा में फैली होती हैं)
प्रश्न :- कोलॉइड के मुख्य गुणधर्म क्या होते हैं? समझाइए।
उत्तर :- कोलॉइड के प्रमुख गुणधर्म निम्नलिखित हैं :-
1. विषमांगी मिश्रण :- कोलॉइड बाहर से समांगी दिखाई देता है, लेकिन यह वास्तव में एक विषमांगी मिश्रण होता है।
2. कण आँखों से नहीं देखे जा सकते :- कोलॉइड के कण इतने छोटे होते हैं कि उन्हें नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता।
3. स्थायी मिश्रण :- कोलॉइड को अगर शांत छोड़ दिया जाए, तो इसके कण नीचे नहीं बैठते। इसलिए यह मिश्रण स्थिर (स्थायी) होता है।
4. छानन से पृथक नहीं होते :- सामान्य छानन विधि से कोलॉइड के कणों को अलग नहीं किया जा सकता।
लेकिन अपकेंद्रीकरण (centrifugation) नामक विशेष विधि द्वारा इन्हें अलग किया जा सकता है।
5. प्रकाश का मार्ग दिखाते हैं :- कोलॉइड के कण प्रकाश की किरण को फैला देते हैं जिससे प्रकाश का मार्ग स्पष्ट दिखाई देता है।
उदाहरण :-
1. दूध
2. धुआँ
3. धूल-जल मिश्रण
प्रश्न :- टिण्डल प्रभाव क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- जब प्रकाश की किरणें कोलॉइड में उपस्थित सूक्ष्म कणों से टकराकर चारों ओर फैल जाती हैं, तो इस घटना को टिण्डल प्रभाव (Tyndall Effect) कहा जाता है।
उदाहरण :-
2. दूध में टॉर्च की रोशनी डालने पर उसका मार्ग दिखाई देना भी इसी प्रभाव का उदाहरण है।
प्रश्न :- भौतिक परिवर्तन क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- भौतिक परिवर्तन :- वह परिवर्तन जिसमें किसी पदार्थ की अवस्था (जैसे — ठोस, द्रव, गैस) में बदलाव होता है, लेकिन उसके संघटन या रासायनिक गुणों में कोई परिवर्तन नहीं होता, उसे भौतिक परिवर्तन (Physical Change) कहा जाता है।
उदाहरण :-
2. मोम का पिघलना — यह ठोस से द्रव में बदलता है, लेकिन वही मोम बना रहता है।
3. बल्ब का जलना — यह ऊर्जा का रूपांतरण है, कोई रासायनिक परिवर्तन नहीं होता।
प्रश्न :- रासायनिक परिवर्तन क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- रासायनिक परिवर्तन :- जब किसी परिवर्तन में एक या एक से अधिक पदार्थ रासायनिक रूप से बदलकर नए पदार्थों में परिवर्तित हो जाते हैं, तो ऐसे परिवर्तन को रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change) कहा जाता है।
उदाहरण :-
2. कार्बन का जलना — जब कार्बन जलता है, तो वह ऑक्सीजन के साथ मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है, जो एक नया पदार्थ है।
प्रश्न :- भौतिक परिवर्तन और रासायनिक परिवर्तन में क्या अंतर होता है?
उत्तर :- भौतिक परिवर्तन और रासायनिक परिवर्तन के बीच निम्नलिखित अंतर है :-
क्रमांक | भौतिक परिवर्तन | रासायनिक परिवर्तन |
1. | इसमें केवल भौतिक गुण बदलते हैं। | इसमें रासायनिक गुण और संघटन बदलते हैं। |
2. | कोई नया पदार्थ नहीं बनता। | नया पदार्थ बनता है। |
3. | यह परिवर्तन अक्सर वापस किया जा सकता है। | यह परिवर्तन स्थायी होता है, इसे वापस नहीं किया जा सकता। |
4. | यह आमतौर पर ऊर्जा का कम प्रयोग करता है। | इसमें अक्सर ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण होता है। |
5. | उदाहरण :- मोम का पिघलना, नमक घुलना। | उदाहरण :- लोहे का जंग लगना, कागज़ का जलना। |
प्रश्न :- तत्व किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- तत्व (Element) :- वह पदार्थ होता है जिसे किसी भी रासायनिक अभिक्रिया द्वारा दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता।
उदाहरण :-
सोडियम (Na), ताँबा (Cu), लोहा (Fe), ऑक्सीजन (O₂) तथा हाइड्रोजन (H₂) आदि।
प्रश्न :- तत्वों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाता है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- तत्वों को उनके गुणों के आधार पर निम्नलिखित तीन मुख्य वर्गों में बाँटा गया है :-
1. धातु (Metals)
2. अधातु (Non-metals)
3. उपधातु (Metalloids)
प्रश्न :- धातु किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- धातु :- वे तत्व जो सामान्य रासायनिक अभिक्रियाओं में अपने परमाणुओं से एक या एक से अधिक इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं, धातु कहलाते हैं। ये अच्छे चालक (conductors) होते हैं और ठोस अवस्था में चमकदार होते हैं।
उदाहरण :-
प्रश्न :- अधातु किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- अधातु :- वे तत्व जो सामान्य अभिक्रियाओं में दूसरे तत्वों से इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं, अधातु कहलाते हैं। ये आमतौर पर ऊष्मा और विद्युत के कुचालक होते हैं और भंगुर (brittle) होते हैं।
उदाहरण :-
ऑक्सीजन (O), क्लोरीन (Cl), आयोडीन (I), ब्रोमीन (Br)
प्रश्न :- उपधातु किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- उपधातु :- वे तत्व जो धातु और अधातु दोनों के गुण दर्शाते हैं, उपधातु कहलाते हैं। ये कुछ परिस्थितियों में चालक और कुछ में कुचालक हो सकते हैं।
उदाहरण :-
बोरॉन (B), सिलिकॉन (Si), जर्मेनियम (Ge)
प्रश्न :- यौगिक किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर :- यौगिक :- जब दो या दो से अधिक तत्व नियत अनुपात में रासायनिक रूप से मिलकर एक नया शुद्ध पदार्थ बनाते हैं, तो उसे यौगिक (Compound) कहा जाता है।
उदाहरण :-
1. जल (H₂O): हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के नियत अनुपात (2 : 1) से बना यौगिक।
2. नमक (NaCl): सोडियम और क्लोरीन के संयोजन से बना।
3. चीनी (C₁₂H₂₂O₁₁): कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का रासायनिक मिश्रण।
नोट :-
यौगिक रासायनिक संयोजन से बनते हैं।
प्रश्न :- मिश्रण और यौगिक में क्या अंतर होता है? समझाइए।
उत्तर :- मिश्रण और यौगिक दोनों दो या अधिक पदार्थों से बनते हैं, लेकिन इनके बीच निम्नलिखित मूलभूत अंतर होते हैं :-
क्रमांक | मिश्रण (Mixture) | यौगिक (Compound) |
1. | इसमें तत्व या यौगिक केवल मिलते हैं, कोई नई वस्तु नहीं बनती। | इसमें तत्व रासायनिक क्रिया करके नया पदार्थ बनाते हैं। |
2. | इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता। | इसमें नया पदार्थ बनता है जिसका संघटन निश्चित होता है। |
3. | इसका संघटन परिवर्तनीय होता है। | इसका संघटन नियत एवं स्थाई होता है। |
4. | मिश्रण के घटक अपने मूल गुणों को बनाए रखते हैं। | यौगिक के गुण, घटकों से पूरी तरह भिन्न होते हैं। |
5. | घटकों को भौतिक विधियों से आसानी से अलग किया जा सकता है। | घटकों को केवल रासायनिक या वैद्युत रासायनिक विधियों से ही अलग किया जा सकता है। |